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बेटियां बोझ नही, साबित किया जनसेवा संस्था ने


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Ajmer: सामूहिक विवाह में 28 बेटियों के हाथ मे रची मेंहदी। गोरखपुर । मुख्यमंत्री विवाह योजना के तहत समाजकल्याण विभाग और उपनगर बड़हलगंज में सक्रिय जनसेवा संस्था के संयुक्त आयोजन में सम्पन्न हुए दहेज रहित विवाह समारोह में 28 युगलों ने जीवन पथ पर साथ चलने की कसम सात फेरों के बाद वरमाला की रस्म अदा कर पूरी की। उपनगर बड़हलगंज में सम्पन्न हुए दहेज रहित सामूहिक विवाह समारोह के साक्षी बने हजारों की संख्या में स्त्री-पुरूषो ने नवदम्पतियों को आशीर्वाद देकर उनके सफल वैवाहिक जीवन की कामना किया। समारोह में युगलों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय परंपरा में स्त्री को जीवन का आधार माना जाता रहा है लेकिन समय के साथ समाज मे व्याप्त हुई दहेज की बुराई ने उन्हें बोझ बना दिया आज जनसेवा संस्था ने समाज को सन्देश दिया हैं कि नही “बेटियां बोझ नही है” वह एक सामुहिक ज़िम्मेदारी है जिनको सबके साथ निभाने की जरूरत होती है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सप्तर्षि कुमार, उपजिलाधिकारी गोला अरुण कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जनसेवा संस्था की तारीफ करते हुए कहा कि ईमानदारी से प्रयास हो तो कम संसाधनों में ही भव्य आयोजन सम्पन्न हो जाते हैं। जनसेवा के लोगो ने आज इसे साबित किया है। समारोह में वरिष्ठ व्यवसायी जितेंद शुक्ल, ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह की सफलता तब होगी जब समाज के बड़े तबके के लोग आगे बढ़ कर इसमें शामिल होंगे। जनसेवा के अध्यक्ष महेश उमर, महामंत्री सन्तोष जायसवाल ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार प्रकट किया। समारोह के आयोजन में नगर विकास मंच, आप की सेवा हमारा उद्देश्य संस्था के साथ नगर पंचायत बड़हलगंज के कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग किया। आकर्षक रही 28 दूल्हों की बारात।  उपनगर के चरणपादुका कुटी से सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए 28 दूल्हों की बारात जब एक साथ निकली तो उसके भव्य आकर्षण में सभी डूब गए। चरणपादुका कुटी, गोला मुहल्ला, लेटाघाट, गोलतिरहा,कालेज तिराहा होते हुए बारात के अपने गंतव्य मिनी ग्रामीण स्टेडियम में पहुचने तक दोनों तरफ देखने वालों की भीड़ लगी रही वही नगर में कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर बारातियों का स्वागत किया। सामूहिक विवाह समारोह के बाद नवजीवन में प्रवेश कर रही बेटियों को सोने चांदी के जेवर, बेड, गद्दा, रजाई, चद्दर, तकिया, आलमारी, सिंगारदान, मोबाइल, घड़ी, टार्च, मच्छरदानी, मेकप बाक्स, साड़ियां, शूट, लड्डू, खाझा, 20000 रूपये नकद खाते में उपहार देकर विदा किया गया।बेटियां बोझ नही, साबित किया जनसेवा संस्था ने सामूहिक विवाह में 28 बेटियों के हाथ मे रची मेंहदी। गोरखपुर। मुख्यमंत्री विवाह योजना के तहत समाजकल्याण विभाग और उपनगर बड़हलगंज में सक्रिय जनसेवा संस्था के संयुक्त आयोजन में सम्पन्न हुए दहेज रहित विवाह समारोह में 28 युगलों ने जीवन पथ पर साथ चलने की कसम सात फेरों के बाद वरमाला की रस्म अदा कर पूरी की। उपनगर बड़हलगंज में सम्पन्न हुए दहेज रहित सामूहिक विवाह समारोह के साक्षी बने हजारों की संख्या में स्त्री-पुरूषो ने नवदम्पतियों को आशीर्वाद देकर उनके सफल वैवाहिक जीवन की कामना किया। समारोह में युगलों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय परंपरा में स्त्री को जीवन का आधार माना जाता रहा है लेकिन समय के साथ समाज मे व्याप्त हुई दहेज की बुराई ने उन्हें बोझ बना दिया आज जनसेवा संस्था ने समाज को सन्देश दिया हैं कि नही “बेटियां बोझ नही है” वह एक सामुहिक ज़िम्मेदारी है जिनको सबके साथ निभाने की जरूरत होती है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सप्तर्षि कुमार, उपजिलाधिकारी गोला अरुण कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जनसेवा संस्था की तारीफ करते हुए कहा कि ईमानदारी से प्रयास हो तो कम संसाधनों में ही भव्य आयोजन सम्पन्न हो जाते हैं। जनसेवा के लोगो ने आज इसे साबित किया है। समारोह में वरिष्ठ व्यवसायी जितेंद शुक्ल, ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह की सफलता तब होगी जब समाज के बड़े तबके के लोग आगे बढ़ कर इसमें शामिल होंगे। जनसेवा के अध्यक्ष महेश उमर, महामंत्री सन्तोष जायसवाल ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार प्रकट किया। समारोह के आयोजन में नगर विकास मंच, आप की सेवा हमारा उद्देश्य संस्था के साथ नगर पंचायत बड़हलगंज के कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग किया। आकर्षक रही 28 दूल्हों की बारात।  उपनगर के चरणपादुका कुटी से सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए 28 दूल्हों की बारात जब एक साथ निकली तो उसके भव्य आकर्षण में सभी डूब गए। चरणपादुका कुटी, गोला मुहल्ला, लेटाघाट, गोलतिरहा,कालेज तिराहा होते हुए बारात के अपने गंतव्य मिनी ग्रामीण स्टेडियम में पहुचने तक दोनों तरफ देखने वालों की भीड़ लगी रही वही नगर में कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर बारातियों का स्वागत किया। सामूहिक विवाह समारोह के बाद नवजीवन में प्रवेश कर रही बेटियों को सोने चांदी के जेवर, बेड, गद्दा, रजाई, चद्दर, तकिया, आलमारी, सिंगारदान, मोबाइल, घड़ी, टार्च, मच्छरदानी, मेकप बाक्स, साड़ियां, शूट, लड्डू, खाझा, 20000 रूपये नकद खाते में उपहार देकर विदा किया गया। The post बेटियां बोझ नही, साबित किया जनसेवा संस्था ने appeared first on संस्कार न्यूज़.